Coromandal express train accident latest news – सोमवार को तीन घायलों की मौत के बाद Odisha Train Accidents (ओडिशा ट्रेन दुर्घटना) में मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 278 हो गई। हालांकि, Odisha State Government के आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या अब भी 275 है। खुर्दा रोड मंडल के डीआरएम रिंकेश रे ने बताया कि दो जून को तीन ट्रेनों की आपस में टक्कर के कारण हुई दुर्घटना में 278 लोगों की मौत हुई है और 1100 लोग घायल हुए हैं।

Coromandal express train accident

Coromandal express train accident के अगले दिन मृतकों की संख्या 288 बताई गई थी, लेकिन ओडिशा सरकार ने रविवार को आंकड़ों को संशोधित कर 275 लोगों के मरने के जानकारी दी थी। दावा किया था कि कुछ शव दो बार गिने गए थे। West Bangol Chief Minister Mamta Banarjee (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) ने आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि हादसे में उनके राज्य के 61 लोग मारे गए हैं और 182 लोग अभी भी लापता हैं।

Coromandal express train accident के पीड़ितों के दावे प्राथमिकता पर निपटाएंगी बीमा कंपनियां

एसबीआई लाइफ समेत कई बीमा कंपनियों ने ओडिशा ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों से संबंधित दावों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की घोषणा की है, ताकि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिल सके। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के चेयरमैन तपन सिंघल ने कहा कि पीड़ितों का सहयोग करने के लिए हमने एक समर्पित हेल्पलाइन और डिजिटल क्षमताएं तैयार की हैं, ताकि ग्राहकों या उनके परिवार के सदस्यों के लिए बीमाकर्ताओं तक पहुंचना आसान हो। सिंघल ने कहा कि बीमाकर्ताओं ने विशेष टीमें बनाई हैं, ताकि ऐसे दावों में तेजी लाई जा सके और बीमाधारकों के दावों को बिना किसी परेशानी और जल्द से जल्द निपाटाया जा सके। एसबीआई लाइफ ने बीमाधारकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1800 267 9090 भी जारी किया है। दावों के निपटान के लिए दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया भी आसान बनाई है। इसी तरह अन्य कंपनियों ने भी उपाय किए हैं।

Odisha Coromandal express train accident में लावारिस शव की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया जाएगा

श्री देवोत्थान सेवा समिति ने बालासोर में हुई भयावह रेल दुर्घटना में Coromandal express train accident के दाह संस्कार के बाद रखे अस्थि कलश को वैदिक रीति से विसर्जन करने का निर्णय लिया है। अस्थि को हरिद्वार के कनखल सतीघाट पर वैदिक रीति के साथ 100 किलो दूध की धारा के साथ विसर्जन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष अनिल नरेंद्र ने कहा है कि इस हृदय विदारक दुर्घटना से पूरा राष्ट्र स्तब्ध है। लावारिस शवों के अंबार की खबर ने संस्था को झकझोर दिया है। समिति का एक दल जल्द ही बालासोर के लिए रवाना होगा। जहां सरकार द्वारा लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद उनके अस्थि कलश को संग्रहीत करेगा। समिति के महामंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों की वर्षो से रखी करीब 295 अस्थि कलश सहित 1,55,746 अस्थि कलश का वैदिक रीति से विसर्जन समिति करा चुकी है।

Coromandal express train accident घायलों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 278 हुई

Coromandal express train accident पर रेलवे ने बताया कि सोमवार को तीन घायलों की मौत के बाद ओडिशा ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 278 हो गई। हालांकि, ओडिशा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या अब भी 275 है। खुर्दा रोड मंडल के डीआरएम रिंकेश रे ने बताया कि दो जून को तीन ट्रेनों की आपस में टक्कर के कारण हुई दुर्घटना में 278 लोगों की मौत हुई है और 1100 लोग घायल हुए हैं।

Coromandal express train accident  – 278 शवों में से 177 की हुई पहचान

डीआरएम रिंकेश रे ने कहा कि फिलहाल 200 से कम लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि 278 शवों में से 177 की पहचान कर ली गई है, जबकि 101 शवों की पहचान की जानी बाकी है और इन शवों को छह अलग-अलग अस्पतालों में रखा गया है। उन्होंने ने कहा कि रेलवे ने लापता व्यक्ति का पता लगाने के लिए ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लोगों को तैनात किया है। उन्होंने कहा कि शवों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाएगा।

Odisha Coromandal express train accident

Coromandal express train accident के पीड़ितों के दावे प्राथमिकता पर निपटाएंगी बीमा कंपनियां एसबीआई लाइफ समेत कई बीमा कंपनियों ने ओडिशा ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों से संबंधित दावों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की घोषणा की है, ताकि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिल सके। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के चेयरमैन तपन सिंघल ने कहा कि पीड़ितों का सहयोग करने के लिए हमने एक समर्पित हेल्पलाइन और डिजिटल क्षमताएं तैयार की हैं, ताकि ग्राहकों या उनके परिवार के सदस्यों के लिए बीमाकर्ताओं तक पहुंचना आसान हो। सिंघल ने कहा कि बीमाकर्ताओं ने विशेष टीमें बनाई हैं, ताकि ऐसे दावों में तेजी लाई जा सके और बीमाधारकों के दावों को बिना किसी परेशानी और जल्द से जल्द निपाटाया जा सके। एसबीआई लाइफ ने बीमाधारकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1800 267 9090 भी जारी किया है। दावों के निपटान के लिए दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया भी आसान बनाई है। इसी तरह अन्य कंपनियों ने भी उपाय किए हैं।

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Coromandal express train accident पर बाबा बागेश्वर के ‘बोल वचन’, क्या बाबा को पता था हादसा होने वाला है ?

तीन घायलों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर _______ हुई. मृतक संख्या देखकर रह जायेंगे हैरान

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